RSS ने जातीय जनगणना से जताई सहमति

केरल के पलक्कड़ में आयोजित आरएसएस के राष्ट्रीय समन्वय सम्मेलन में जातीय जनगणना की राजनीति, बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ जारी हिंसा और देश में महिला के खिलाफ उत्पीड़न पर मंथन किया गया. साथ ही चिंता व्यक्त की गयी.
बैठक के तीसरे दिन सोमवार को आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने कहा कि अगर पिछड़े समाज के कल्याण के लिए जातीय जनगणना करने की जरूरत है तो सरकार इसे करा सकती है.
RSS ने जातीय जनगणना से जताई सहमति । यह आशंका जताते हुए कहा- कल्याणकारी योजनाओं के लिए हो इस्तेमाल आरएसएस प्रचार प्रभारी सुनील आंबेकर ने कहा- कल्याणकारी योजनाओं के लिए जाति के आँकड़े जुटाने में दिक़्क़त नहीं लेकिन इस मुद्दे का इस्तेमाल चुनावी राजनीति में नहीं होना चाहिए
संघ का यह बयान ऐसे वक़्त में आया है जब विपक्ष ने जाति जनगणना को एक प्रमुख मुद्दे के रूप में अपनाया है। RSS का कहना है कि इसे चुनावों के लिए राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए
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